बिल्ली को शेर की मौसी क्यों कहा जाता है?
बहुत से लोग बिल्ली को शेर कि मौसी कहते हैं। इस कथन कि सच्चाई के बारे में तो कुछ कहा नहीं जा सकता लेकिन इतना निश्चित है कि बिल्ली और शेर की शक्ल एक-दूसरे से काफी मिलती-जुलती है।
शेर, चीता, बाघ, तेंदुआ (Panther), जैगुआर, पूमा आदि सभी बिल्ली परिवार के ही सदस्य हैं। बिल्ली जाती के जानवरों को फेलाइन कहते हैं। इनकी शारीरिक बनावट एक-दूसरे से काफी मिलती है इसलिए लोग शायद बिल्ली को शेर कि मौसी कहते हैं।
इन सभी के दांत बड़े तीखे होते हैं जो चाकू कि तरह इनके शिकार के शरीर में घुस जाते हैं। इनके पंजे गद्देदार होते हैं जिससे इनके ज़मीन पर चलने में कोई आवाज़ नहीं होती। शेर बिल्ली के परिवार का एक मुख्य सदस्य है। इसकी ऊंचाई एक मीटर तक होती है। इनकी लम्बाई दो मीटर तक होती है। यह अधिकतर अफ्रीका और भारत के जंगलों में मिलता है। बाघ(Tiger) की ऊंचाई एक मीटर और लम्बाई दो मीटर तक होती है। यह बिल्ली परिवार का सबसे बड़ा सदस्य है और अधिकतर एशिया के देशों में पाया जाता है।
इसके शरीर पर काली-काली लकीरें होती हैं। तेंदुए (Panther) की ऊंचाई लगभग 60 सेंटीमीटर और लम्बाई 1।5 मीटर तक होती है। यह अफ्रीका और एशिया में पाया जाता है। इसके अतिरिक्त जैगुआर, चीता, पूमा और घरेलू बिल्ली सभी एक ही परिवार के सदस्य हैं। चीता इस परिवार का एक ऐसा सदस्य है जो सबसे तेज दौड़ता है। इसकी गति 110 km/h तक पहुँच जाती है।
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