लोहे का बडा जहाज पानी मेँ क्योँ नहीँ डूबता ?



आर्किमीडीज़ का सिद्धांत है कि कोई वस्तु जब पानी में डाली जाती है तब उसके द्वारा हटाए गए जल का भार उस वस्तु के भार के बराबर होता है। और हटाए गए पानी की ताकत उसे वापस ऊपर की ओर उछालती है। 

इसलिए लोहे का एक टुकड़ा जब पानी में डाला जाता है तब उसके द्वारा हटाए गए पानी की ऊपर को लगने वाली शक्ति को छोटा आकार मिलता है।यदि इसी लोहे के टुकड़े की प्लेट बना दी जाती तो उसका आकार बड़ा हो जाता और वह पानी के नीचे से आनी वाली ताकत का फायदा उठा सकती थी।

लोहे के जहाज़ का आयतन(volume) उसके भार(weight) से अधिक होता है।  लोहे का जहाज़ अपने आयतन के बराबर पानी विस्थापित(displace) करता है, यह विस्थापित जल अपने आयतन के तुल्य बल(force) जहाज़ पर लगाता है जिससे जहाज़ पानी पर तैरता है। जबकि लोहे के टुकड़े का आयतन उसके भार से कम होता है, उसके द्वारा विस्थापित जल उसके भार से कम होता है जिससे वह डूब जाता है

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