रॉकेट का ऊपरी भाग शंकुनुमा क्यों बनाया जाता है?
अंतरिक्ष यानों को वायुमंडल से ऊपर उड़ना होता है इसलिए वे अपना ईंधन एवं आक्सीजन लेकर उड़ते हैं। जेट विमान में केवल ईंधन रहता है। जब विमान चलना प्रारम्भ करता है तो विमान के सिरे पर बने छिद्र से बाहर की वायु इंजन में प्रवेश करती है। वायु के आक्सीजन के साथ मिलकर ईंधन अत्यधिक दबाव पर जलता है।
जलने से उत्पन्न गैस का दाब बहुत अधिक होता है। यह गैस वायु के साथ मिलकर पीछे की ओर के जेट से तीव्र वेग से बाहर निकलती है। यद्यपि गैस का द्रव्यमान बहुत कम होता है किन्तु तीव्र वेग के कारण संवेग और प्रतिक्रिया बल बहुत अधिक होता है।
वायुमंडल के प्रतिरोध को कम करने एवं वायुमंडल के घर्षण से जलकर नष्ट होने से बचाने के लिए रॉकेट का ऊपरी भाग शंकुनुमा बनाया जाता है। इसलिए जेट विमान आगे की ओर तीव्र वेग से गतिमान होता है।
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